Sourabh Malviya डॉ.सौरभ मालवीय
विचारों की धरा पर शब्दों की अभिव्यक्ति...
Wednesday, March 4, 2026
Monday, March 2, 2026
स्नेहिल सानिध्य
आदरणीय बड़े भाई एवं शुभेच्छु डॉ. सौरभ मालवीय जी (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं प्रोफेसर, लखनऊ विश्वविद्यालय) का कल मेरे ग्राम देवरिया गंगा आगमन से हृदय अत्यंत प्रसन्न और अभिभूत हुआ। आपका स्नेहिल सानिध्य सदैव मेरे लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत रहा है।
मेरी नवीन प्रकाशित पुस्तक "पंच परिवर्तन : राष्ट्रोत्थान की संघ दृष्टि" के लेखन में आपके अमूल्य मार्गदर्शन, सुझाव एवं बौद्धिक सहयोग के लिए मैं हृदय से कृतज्ञ हूँ। आपके विचारों ने न केवल इस कृति को दिशा दी, बल्कि इसके चिंतन को और अधिक परिपक्व तथा राष्ट्रसमर्पित स्वरूप प्रदान किया।
यह पुस्तक भेंट करते हुए मुझे अत्यंत गर्व और आत्मसंतोष की अनुभूति हुई। आपके सान्निध्य से भावी लेखन के लिए भी एक नई ऊर्जा और स्पष्ट पथ प्राप्त हुआ है।
आपका स्नेह एवं आशीर्वाद सदैव बना रहे, यही कामना है।
शिवेश प्रताप
शिवेश प्रताप
Sunday, March 1, 2026
मेरा गांव – मेरा तीर्थ
देवरिया गंगा की साकार अनुभूति
कल शिवेश प्रताप के स्नेहिल आमंत्रण पर उनके गांव देवरिया गंगा जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह यात्रा केवल एक स्थान विशेष तक पहुंचना नहीं था, बल्कि अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और प्रकृति के समीप जाने का आत्मिक अवसर था।
गांव की पावन माटी, खेत-खलिहान, आम्र-वाटिकाएँ, स्वच्छ आकाश और शीतल समीर—सब मिलकर मानो जीवन का वास्तविक स्वरूप दिखा रहे थे। प्रकृति से संवाद सहज हो जाता है; न कृत्रिमता, न आडंबर—सिर्फ अपनापन और सरलता।
शिवेश प्रताप और उनके परिवार का आत्मीय स्वागत, बड़ों का आशीर्वाद और बच्चों की निष्कलुष मुस्कान ने मन को भाव-विभोर कर दिया। वास्तव में गांव संस्कारों का तीर्थ है—जहां रिश्ते औपचारिक नहीं, बल्कि आत्मिक होते हैं।
देवरिया गंगा की यह यात्रा स्मरण दिलाती है कि गांव हमारी पहचान है, हमारी जड़ है, और सच अर्थों में हमारा तीर्थ है।
Saturday, February 28, 2026
Thursday, February 26, 2026
मासिक गोष्ठी
मासिक गोष्ठी
विषय - राष्ट्रहित में पर्यावरण
संस्कृति पुनरूत्थान समिति व राष्ट्रधर्म प्रकाशन लि.के तत्वावधान में दिनांक - 26 फरवरी 2026 को सायं 4:00 बजे सम्पन्न हुई.
स्थान- राष्ट्रधर्म कार्यालय, राजेंद्र नगर, लखनऊ
Tuesday, February 24, 2026
बैठक
शोध संस्थान के सम्मानित अधिकारी गणों की बैठक -लखनऊ कार्यालय निरालानगर में सम्पन्न.
विद्या भारती विद्यालयों तथा विद्यार्थियों का भावनात्मक, सामाजिक प्रभाव, भारतीय शिक्षा दर्शन एवं मनोविज्ञान के आधार पर शिक्षण पद्धतियों के परिणाम पर भारतीय शिक्षा शोध संस्थान ने शोध नीति की बैठक में श्रीमान गोविन्द जी, श्रीमान देशराज जी, मा. यतीन्द्र जी, आ. हेमचन्द्र जी सहित सदस्य गण.
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डॉ. सौरभ मालवीय किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संव...
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डॉ. सौरभ मालवीय मनुष्य जिस तीव्र गति से उन्नति कर रहा है, उसी गति से उसके संबंध पीछे छूटते जा रहे हैं. भौतिक सुख-सुविधाओं की बढ़ती इच्छाओं क...



























