Friday, May 1, 2026

भारत केंद्रित शिक्षा से ही बनेगा दिव्य और भव्य भारत: डॉ. सौरभ मालवीय










फर्रुखाबाद। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, श्याम नगर फर्रुखाबाद में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के तत्वावधान में आयोजित ‘प्रधानाचार्य कार्य योजना बैठक’ के समापन सत्र में क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने स्वदेश केंद्रित शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा पूरी तरह से स्वदेशी मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए, तभी हम एक दिव्य और भव्य भारत का निर्माण कर सकते हैं।

डॉ. मालवीय ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही शिक्षण संस्थानों का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए, क्योंकि विद्या भारती का वास्तविक आधार समाज ही है। उन्होंने विद्या भारती की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान में देशभर में संस्था के लगभग 25 हजार विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें 1.5 लाख से अधिक आचार्य एवं लाखों छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। साथ ही, संस्था के पूर्व छात्र विश्व के 85 देशों में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, जो इसकी वैश्विक पहचान को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों की परतंत्रता के बावजूद भारत की आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक चेतना अक्षुण्ण बनी हुई है। अनेक आक्रांताओं के प्रयासों के बावजूद भारतीय विचारधारा आज भी सशक्त है, जिसका मूल आधार हमारे शास्त्र हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों से आह्वान किया कि वे एक सक्षम, समर्थ और सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रधानाचार्य सम्मानित
इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रधानाचार्यों को अंगवस्त्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्री राघवेन्द्र पाण्डेय, प्रियंका सिंह, श्री गजेन्द्र सिंह, श्री सोमेश जी, श्री विक्रम बहादुर सिंह, श्री अनिल कुमार मिश्र एवं श्री नवीन कुमार अवस्थी प्रमुख रहे।

प्रधानाचार्य ही विद्यालय की पहचान
डॉ. मालवीय ने कहा कि एक प्रधानाचार्य ही विद्यालय की पहचान, गरिमा और प्रतिष्ठा का केंद्र होता है। उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, समर्पण और विश्वास के साथ करना चाहिए।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री रत्नेश अवस्थी (प्रधानाचार्य, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, दामोदर नगर) द्वारा किया गया। अंत में संभाग निरीक्षक श्री शिव करन जी ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
-रामानुज अग्निहोत्री
मीडिया प्रभारी

Thursday, April 30, 2026

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें



विद्यार्थी परिषद के पूर्व संगठन मंत्री, भारतीय जनता पार्टी की पत्रिका कमल ज्योति के संपादक श्री राजकुमार जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं !

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महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता!
 देश की महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता अटूट और निरंतर है। जहां एक ओर विपक्ष का महिला विरोधी आचरण बार-बार सार्वजनिक जीवन में उजागर हुआ है, वहीं भाजपा ने हमेशा महिलाओं को सम्मान और अवसर देने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। केंद्र और राज्य सरकारों ने महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं और नीतियां लागू की हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे ऐतिहासिक निर्णय इस दिशा में मील का पत्थर हैं, जो महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करते हैं।
इसके विपरीत, विपक्ष के कई नेताओं के बयान और व्यवहार महिलाओं के प्रति उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाते हैं, जो न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि समाज के लिए भी गलत संदेश देता है।

मासिक सेमिनार

 






Tuesday, April 28, 2026

महादेव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम के इष्ट देवावाधिदेव महादेव शिव शम्भू थे। लंका में जाने से पूर्व प्रभु श्रीराम ने रामेश्वरम् में भगवान शिव की अराधना की थी। भगवान शिव माता पार्वती को प्रभु श्रीराम की कथा सुनाते हैं और प्रभु श्रीराम अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए भगवान शिव की अराधना कर रहे हैं। प्रभु श्रीराम के आराध्य भगवान शिव के इस भव्य मंदिर में आज सनातन धर्म का पताका फहर रहा है। यह भारत के गौरव को आगे बढ़ाने वाला पताका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  29 अप्रैल, 2026 को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या परिसर स्थित श्री शम्भू महादेव मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण करने के उपरांत आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इससे पूर्व, उन्होंने ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, श्री हनुमानगढ़ी मंदिर तथा श्री शम्भू महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। 

उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अभियान रहा है। दुनिया में कहीं भी इस प्रकार का आयोजन नहीं हुआ होगा। दुनिया के प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी के मन में एक ही भाव होता था कि हमारे प्रभू श्रीराम का भव्य मंदिर बने। वह शान हमें प्राप्त हो और उस कार्यक्रम को वह अपनी आंखों से देख सकें। आज से लगभग 500 वर्ष पूर्व, प्रभु श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को अपवित्र करके एक विवादित ढांचा खड़ा कर दिया गया था, लेकिन बिना किसी रोक-टोक, दबाव तथा बिना भय के भारत के सनातन धर्मावलम्बी लगातार दृढ़ संकल्पित होकर इस आंदोलन से जुड़े रहे। स्वर्गीय अशोक सिंघल जी उस बिखरी हुई ताकत को एक करने के लिए आगे आए।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1983 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जब इस आंदोलन को अपने हाथों में लिया, तो आंदोलन अपने चरम की ओर बढ़ता गया। जाति, क्षेत्र व भाषा की दीवारें टूट गईं। अरूणाचल प्रदेश, उड़ीसा, नागालैंड, मिजोरम, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ सहित देश के किसी भी कोने में जाते हैं, तो हम लोगों को देखते ही सबसे पहले वहां के लोगों के मुख से ‘जय श्रीराम’ शब्द निकलता है। इसी माह पश्चिम बंगाल के चुनाव में वहां के दूरदराज के गांवों में भ्रमण के दौरान वहां के लोग भी मुझे देखते ही ‘जय श्रीराम’ का संबोधन करते थे।

उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम देश को जोड़ने के माध्यम हैं। त्रेता युग से ही प्रभु श्रीराम उत्तर से दक्षिण, भगवान श्रीकृष्ण पूरब से पश्चिम तथा भगवान शिवशंकर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के माध्यम से पूरे भारत को जोड़ रहे हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया ने भी कहा था कि जब तक प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण और शिव शंकर हैं, तब तक भारत का र्कोइ  बाल-बांका नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि आज हम सभी इस पूरे पड़ाव का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहे हैं। हम सभी गुलामी का ढांचा हटने के भी साक्षी है। माननीय उच्चतम न्यायालय ने व्यापक हित, देशहित तथा भारत के सनातन धर्म की भावनाओं के अनुरूप साक्ष्यों एवं प्रमाणों के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर सर्वसम्मत फैसला दिया था। इस फैसले का स्वागत देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया ने किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर-कमलों से 5 अगस्त 2020 को प्रभु श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि-पूजन तथा 22 जनवरी 2024 को श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ था। इसके बाद श्रीराम दरबार की मूर्ति-प्रतिष्ठा, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर धर्मध्वजा का आरोहण तथा 19 मार्च 2026 को श्रीराम यंत्र की स्थापना कार्य संपन्न हुआ था। यह भारतीय इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में लिखी जाने वाली तिथियां हैं। हम सभी इन तिथियों के साक्षी हैं।

उन्होंने कहा कि जब हम प्रभु की शरण में भक्त व याचक बन कर जाते हैं, तो प्रभु हमारी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। प्रभु जब अपना काम कराना चाहते हैं, तभी सफलता भी प्राप्त होती है। इतने बड़े आंदोलन के पश्चात अंततः विजय प्राप्त हुई। ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ अर्थात् जहां धर्म है, वहीं विजय है। जहां अयोध्या तथा प्रभु श्रीराम होंगे, वहां विजय अवश्य होगी। सम-विषम परिस्थितियों में हम झुकेंगे नहीं, रुकेंगे नहीं, डिगेंगे नहीं तथा अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे, अयोध्या ने इसे पूरी दुनिया को बताया है। आज अयोध्या में लाखों श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। यहां रेलवे तथा एयर कनेक्टिविटी की बेहतरीन सुविधा है। अयोध्या में चारों तरफ 4-लेन सड़कें बन चुकी हैं। यह नई अयोध्या त्रेता युग की याद दिला रही है।

उन्होंने कहा कि सभी सनातन धर्मावलम्बियों के एक साथ तथा एक स्वर में आवाज उठाने के परिणामस्वरूप ही प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण संभव हो पाया है। हम बंटे थे, तभी विधर्मी उसका लाभ उठा पाये थे। आज हम एकजुट होकर उनका मुकाबला कर रहे हैं, तो प्रत्येक व्यक्ति सुरक्षित है। अपनी विरासत को गौरव के साथ हम आने वाली पीढ़ी को बताने की स्थिति में हैं कि हमारे सामने प्रभु श्रीराम मंदिर पर फैसला,  प्रभु श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि-पूजन, प्रभु श्रीरामलला व श्रीराम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा, मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा का आरोहण तथा श्रीराम यंत्र की स्थापना कार्यक्रम सम्पन्न हुआ था। हम सभी ने इन सभी ऐतिहासिक क्षणों तथा रामनवमी के दिन प्रभु श्रीरामलला को सूर्य तिलक लगते हुए अपनी आखों से देखा है। यह आंदोलन दुनिया के लिए एक अनूठा उदाहरण है। दुनिया इसका अनुसरण करने के लिए लालायित है।

उन्होंने कहा कि आज प्रभु श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भगवान शिव मंदिर में भगवा ध्वज का आहोरण भव्यता के साथ संपन्न हुआ है। माता पार्वती को प्रभु श्रीराम की कथा भगवान शिव ही सुना रहे हैं। काक भुशुंडी उसका वाचन कर रहे हैं। कौन सी योनि है, जो राम कथा की पिपासी न हो। आज हम साक्षात प्रभु श्रीराम मंदिर में दर्शन कर रहे हैं। हम सभी को सनातन धर्म की एकता के माध्यम से भारत की एकता-अखंडता को बनाए रखने में अपना योगदान देना होगा। अपनी विरासत को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए कृतसंकल्पित होना होगा। अपने महापुरुषों को जातीयता के दायरे में बांटने वालों से सावधान रहना होगा। आज प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति कर रहा है। जिस दिन 140 करोड़ भारतवासी अपने नेतृत्व पर मजबूती से विश्वास कर आगे बढ़ेंगे, दुनिया की कोई ताकत उनका सामना नहीं कर सकेगी। नये भारत को इसी दिशा में आगे बढ़ाने के लिए हम सभी को संकल्पित होना होगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास क्षेत्र के महासचिव चम्पत राय, अयोध्या के महापौर गिरीशपति त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Sunday, April 26, 2026

भारत की ज्ञान परंपरा एवं ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना : डॉ. सौरभ मालवीय




सुल्तानपुर। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, विवेकानन्द नगर, सुल्तानपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव, वैदिक गणित एवं विज्ञान मेला कार्ययोजना बैठक का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय मंत्री एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि हमें वर्ष भर की योजनाएं मनोयोगपूर्वक बनाकर उस पर प्रभावी ढंग से कार्य करना चाहिए, जिससे हम अखिल भारतीय स्तर पर सार्थक उपलब्धियां प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कहा कि विज्ञान मेला, वैदिक गणित एवं संस्कृति बोध परियोजनाओं का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, श्रुति परंपरा एवं ऋषि परंपरा के पुनरुद्धार के माध्यम से बालकों के मन में संस्कारों का संचार करना है। उन्होंने बताया कि विदेशी आक्रमणों के दौरान भारतीय ज्ञान-विज्ञान की परंपराओं को क्षति पहुंचाने के प्रयास हुए, जिन्हें पुनर्जीवित करना आज की आवश्यकता है। वंदना सत्र, भोजन मंत्र एवं चित्र प्रदर्शनी जैसे माध्यमों से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव का भाव विकसित किया जा रहा है।

कार्यक्रम को अखिल भारतीय वैदिक गणित संयोजक देवेन्द्र राव देशमुख, सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ. राममनोहर एवं काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी सहित अनेक लोग विशेष रूप से उपस्थित रहें.

इससे पूर्व क्षेत्रीय विज्ञान मेला प्रमुख बांके बिहारी पाण्डेय, संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख राजकुमार सिंह एवं वैदिक गणित परियोजना प्रमुख संतोष सिंह ने सत्र 2026-27 की कार्ययोजना का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।

बैठक में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही।


भारत केंद्रित शिक्षा से ही बनेगा दिव्य और भव्य भारत: डॉ. सौरभ मालवीय

फर्रुखाबाद। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, श्याम नगर फर्रुखाबाद में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के तत्वावधान में आयोजित ‘प्रध...