उन्नाव - बालिका शिक्षा एवं शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग का समापन संपन्न
दिनांक 13 जून 2026 को भारतीय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित बालिका शिक्षा प्रशिक्षण वर्ग के पंचम दिवस का कार्यक्रम सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. सौरभ मालवीय, प्रदेश निरीक्षक श्री रामजी सिंह जी तथा भारतीय शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री हरेन्द्र श्रीवास्तव जी मंचासीन रहे। अतिथियों का परिचय एवं सम्मान विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री श्रवण कुमार सिंह जी द्वारा किया गया।
पाँच दिनों से संचालित बालिका शिक्षा प्रशिक्षण वर्ग तथा दस दिनों से चल रहे शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग का आज विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि भारत के जीवन-दर्शन का मूल आधार लोककल्याण और परोपकार है। वेदों की रचनाएँ प्रकृति के सर्वाधिक निकट हैं तथा भारतीय संस्कृति संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।
उन्होंने कहा कि “मातृ शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है।” बालिका शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि संस्कारवान, सक्षम और समाजोपयोगी व्यक्तित्व का निर्माण करना है। भारत पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर है और उसके आध्यात्मिक मूल्यों ने ही उसे युगों-युगों तक अक्षुण्ण बनाए रखा है। शिक्षित, संस्कारित एवं आत्मविश्वासी बालिकाएँ भविष्य में राष्ट्र निर्माण और भारत के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।
डॉ. मालवीय ने कहा कि मातृभूमि के प्रति प्रेम, समर्पण एवं राष्ट्रीय चेतना का विकास विद्या भारती की शिक्षा पद्धति का प्रमुख उद्देश्य है। ऐसी शिक्षा ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का कार्य करती है।






























