Sourabh Malviya डॉ.सौरभ मालवीय
विचारों की धरा पर शब्दों की अभिव्यक्ति...
Sunday, August 16, 2026
स्मृतियों का संसार
चित्र केवल किसी क्षण को सुरक्षित नहीं करते, वे हमारी स्मृतियों के संसार को समृद्ध करते हैं। बीते हुए आयोजनों, आत्मीय मुलाकातों और सुखद पलों को जब तस्वीरों में देखते हैं, तो लगता है जैसे समय फिर से हमारे सामने आकर ठहर गया हो।
हर चित्र अपने भीतर एक कहानी, एक भाव और एक स्मृति समेटे होता है। यही चित्र हमें नए आयोजनों और कार्यक्रमों के लिए उत्साहित करते हैं और जीवन के सुंदर क्षणों को फिर से जीने का अवसर देते हैं।
तस्वीरें हमारी स्मृतियों की जीवंत पुस्तक के पन्ने होती हैं।
Saturday, August 15, 2026
80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से सम्पन्न
बलिया। नागाजी सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माल्देपुर में देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, राष्ट्रभक्ति एवं गरिमामय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रध्वज फहराने एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। विद्यालय परिसर भारत माता की जय और वन्दे मातरम् के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष तथा विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चन्द्रशेखर जी के सुपुत्र श्री नीरज शेखर जी ने की। अतिथि परिचय विद्यालय के आचार्य श्री अरुण कुमार पाण्डेय जी ने कराया।
मुख्य अतिथि डॉ. सौरभ मालवीय ने अपने उद्बोधन में स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक, राष्ट्रीय एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का नाम नहीं, बल्कि कर्तव्यों के निर्वहन का भी संकल्प है। देश की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है। आज की युवा पीढ़ी उस स्वतंत्रता की वास्तविक उत्तराधिकारी है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि युवा ही भारत के वर्तमान और भविष्य के निर्माता हैं। अपने ज्ञान, अनुशासन, परिश्रम, चरित्र एवं राष्ट्रनिष्ठा के बल पर वे भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का विद्यार्थी कल डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, वैज्ञानिक, प्रशासक, सैनिक, पत्रकार एवं विभिन्न क्षेत्रों का कुशल नेतृत्वकर्ता बनकर राष्ट्रसेवा करेगा। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन का लक्ष्य केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री नीरज शेखर जी ने विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा का संकल्प दिलाते हुए कहा कि “देश के लिए जीना है, देश के लिए काम करना है और अपना पूरा जीवन राष्ट्रहित में समर्पित करना है।” उन्होंने कहा कि आज के नौजवान छात्र ही देश के भविष्य हैं। आपमें से कोई डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, वैज्ञानिक बनेगा तो कोई देश का सिपाही बनकर मातृभूमि की रक्षा करेगा। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पित जीवन जीने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बलिया संभाग के संभाग निदेशक श्री कन्हैया चौबे जी एवं विद्यालय प्रबंध समिति के प्रबंधक श्री संजय कुमार कश्यप जी, कोषाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश राय जी एवं सदस्य श्री शमशेर बहादुर सिंह जी सहित विद्यालय परिवार के आचार्यगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में भैया-बहन उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विद्यालय के भैया-बहनों ने मनमोहक एवं देशभक्तिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों द्वारा रानी लक्ष्मीबाई, चन्द्रशेखर आजाद एवं मंगल पाण्डेय जैसे महान क्रांतिकारियों के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय में राष्ट्रप्रेम एवं देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रबल किया।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य श्री मनोज कुमार स्थाना जी एवं आचार्य श्री चन्द्रप्रकाश जी ने किया। अंत में विद्यालय के प्रबंधक श्री संजय कुमार कश्यप जी ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथियों, प्रबंध समिति के सदस्यों, आचार्यगण, भैया-बहनों एवं समस्त उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सम्पूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, संस्कार एवं देश के प्रति समर्पण की भावना से ओत-प्रोत रहा। विद्यालय परिसर में गूंजते “भारत माता की जय” और “वन्दे मातरम्” के उद्घोष के साथ समारोह का समापन हुआ।
Friday, August 14, 2026
सम्मान
उत्तर प्रदेश शासन की हिंदी मासिक पत्रिका ‘संदेश’ द्वारा उत्कृष्ट लेखन के लिए सम्मानित किया जाना अत्यंत प्रसन्नता और गर्व का विषय है। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में यह सम्मान प्राप्त होना इस क्षण को और भी विशेष बना रहा है।
यह सम्मान समाज,साहित्य, पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में निरंतर कुछ सार्थक और बेहतर लिखने की कोशिश का स्नेह, विश्वास का प्रीतिफल है।
इस सम्मान के लिए उत्तर प्रदेश शासन एवं ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ परिवार का हृदय से आभार।
स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर यही प्रयास है कि लेखनी विचारों की वाहक बने और शब्द राष्ट्रहित एवं समाजहित की दिशा में अपना योगदान देते रहें आपका विश्वास और स्नेह सदैव मिलता रहें.
Thursday, August 13, 2026
डॉ. सौरभ मालवीय को मिला उत्कृष्ट लेखन सम्मान
समारोह में सूचना निदेशक विशाल सिंह ने डॉ. सौरभ मालवीय को उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाशित उनके शोधपूर्ण, तथ्यपरक एवं विश्लेषणात्मक लेखन के लिए सम्मान प्रदान किया।
डॉ. मालवीय ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर तथ्य एवं शोध आधारित लेखों के माध्यम से सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया है। उनके लेखन में विषय की गहनता, तथ्यात्मकता और जनसरोकारों का विशेष समावेश रहता है।
सम्मान प्राप्त होने पर डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ जैसी महत्वपूर्ण पत्रिका द्वारा उत्कृष्ट लेखन के लिए सम्मानित किया जाना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता और लेखन का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि तथ्यों के माध्यम से समाज को जागरूक करना और सकारात्मक विमर्श को आगे बढ़ाना भी है।
डॉ. सौरभ मालवीय लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष होने के साथ-साथ लेखन एवं मीडिया विमर्श के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके सम्मान पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों, साहित्यकारों एवं पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
Sunday, August 9, 2026
प्राक्कथन
प्रस्तावना
यह हर्ष की बात है कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित पुस्तक का प्रकाशन हो रहा है. इस संग्रहणीय पुस्तक के लेखक डॊ. सौरभ मालवीय को हार्दिक धन्यवाद और बधाई कि उन्होंने इस जनोपयोगी विषय पर पुस्तक लिखी।
देश की खाद्य सुरक्षा को सतत आधार पर सुनिश्चित करने का श्रेय किसानों को ही जाता है। आज भारत न केवल बहुत से कृषि उत्पादों में आत्मनिर्भर और आत्मसम्पन्न है, अपितु बहुत से कृषि उत्पादों का निर्यातक भी है। यह भी सच है कि किसान अपने उत्पादों का लाभकारी मूल्य नहीं पाते हैं। अत: सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र का इस प्रकार चहुंमुखी विकास किया जाए कि अन्य एवं कृषि उत्पादों के भंडार के साथ किसानों की जेब भी भरे और उनकी आय भी बढ़े। सरकार का उद्देश्य कृषि नीति एवं कार्यक्रमों को ‘उत्पादन केन्द्रित’ के बजाय ‘आय केन्द्रित’ बनाने का है।
सरकार का मुख्य लक्ष्य न केवल कृषि के उन संभावनाशील क्षेत्रों की पहचान करना है, जिनमें अधिक निवेश होना चाहिए वरन आय बढ़ाने के लिए उद्यानिकी, पशुपालन तथा मत्स्य पालन जैसे कृषि संबंधित क्षेत्रों के विविधीकरण पर विचार कर कृषि में जोखिम कम करने के तरीके सुझाना भी है। इसी क्रम में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के बारे में दिए गए लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आज कृषि मंत्रालय खेती की लागत कम करने, उत्पादकता लाभ के माध्यम से उच्च उत्पादन करने, लाभकारी प्रतिफल सुनिश्चित करने और मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए जोखिम प्रबंधन जैसे सतत कार्यों में लगा है। जहां तक एक ओर उत्पादकता लाभ के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन जैसे योजनाएं चलाई जा रही हैं, वहीं कृषि लागत में कटौती के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड व नीम लेपित यूरिया के इस्तेमाल और प्रति बूंद से अधिक फसल संबंधी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। जोखिम प्रबंधन एवं स्थायी पद्धतियां अपनाने हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना तथा उत्तरपूर्वी राज्यों के लिये जैविक खेती मिशन आदि के माध्यम से कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। देश में आने वालों वर्षों में कृषि एवं खाद्य सुरक्षा निरंतर और सतत बनी रहेगी और सरकार किसानों की आय नियत समय के अनुसार दोगुनी करने में अवश्य सफल होगी।
सरकारी योजनाओं को सफल बनाने के लिए यह भी अति आवश्यक है कि लोग उनका समुचित लाभ उठाएं। और ऐसा तभी संभव है, जब उन्हें इन योजनाओं के बारे में जानकारी हो. सरकार अपने स्तर पर योजनाओं के प्रचार-प्रसार करती ही है। यदि लोग भी एक-दूसरे को उन योजनाओं के बारे में बताएं, तो सोने पर सुहागा ही होगा. इस संबंध में डॊ. सौरभ मालवीय की पुस्तक बहुत उपयोगी है। नि: संदेह यह पुस्तक जनकल्याण योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में सेतु का कार्य करेगी। एक बार फिर से मालवीय जी को बहुत-बहुत बधाई।
राधा मोहन सिंह
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री
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डॉ. सौरभ मालवीय स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय दर्शन से विश्व को परिचित करवाया। वह ज्ञान का अथाह भंडार थे। उनकी शिक्षाएं अनमोल हैं, तभी तो वह...
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डॉ. सौरभ मालवीय ‘नारी’ इस शब्द में इतनी ऊर्जा है कि इसका उच्चारण ही मन-मस्तक को झंकृत कर देता है, इसके पर्यायी शब्द स्त्री, भामिनी, कान...
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डॉ. सौरभ मालवीय किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संव...


























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