Sourabh Malviya डॉ.सौरभ मालवीय
विचारों की धरा पर शब्दों की अभिव्यक्ति...
Wednesday, August 5, 2026
पंडित नेहरू अटलजी से स्नेह करते थे
कटी अंगुली
संत-असंत
Tuesday, August 4, 2026
पुस्तक भेंट
आज का दिन शुभ रहा।
लखनऊ में तीन सुन्दर मंदिरों में जाने का अवसर मिला- हनुमत धाम, हनुमान सेतु और लखनऊ विश्वविद्यालय।
लखनऊ विश्वविद्यालय में अपनी पत्रकारिता की दुनिया के पहले गुरु, विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ मालवीय सर से मिलने का मौका बना। बैचलर्स की पढ़ाई पूरी होने के इतने लंबे समय बाद यह पहली मुलाकात थी।
बातों-बातों में सर ने याद दिलाया कि समय का चक्र कैसे घूमता है। जीवन हमें कई बार उन्हीं लोगों और उन्हीं परिस्थितियों के सामने फिर से लाकर खड़ा कर देता है, बस किरदार और समय बदल जाते हैं।
सर के मार्गदर्शन में नोएडा कैंपस से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की। फिर सर भोपाल चले गए। कुछ समय बाद मेरा सफर भी भोपाल तक पहुंचा। अब नियति दोनों को लखनऊ ले आई है।
सर ने अपनी सुंदर कृति 'भारतीय पत्रकारिता के स्वर्णिम हस्ताक्षर' भेंट की। यह पुस्तक मेरे लिए गुरु के स्नेह और आशीर्वाद का प्रतीक है।
अब लखनऊ में समय-समय पर सर का सानिध्य और मार्गदर्शन मिलता रहेगा। गुरु का साथ जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होता है।
टीवी पर लाइव
युवा वर्ग से संवाद का उद्देश्य नई पीढ़ी की सोच को समझना और उनके साथ खुला संवाद स्थापित करना है। सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने कहा है कि आज का युवा केवल आदेश नहीं मानता, बल्कि हर बात का तर्क और कारण जानना चाहता है। इसलिए समाज के वरिष्ठों को युवाओं के साथ समय बिताना चाहिए, स्नेहपूर्वक संवाद करना चाहिए और उनकी जिज्ञासाओं का उत्तर देना चाहिए.
Sunday, August 2, 2026
रुद्राभिषेक संपन्न
ॐ नम: शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शंकराय च
मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च ॥
श्रावण मास के शुभ अवसर पर मेरे गुरु आदरणीय श्री सौरभ मालवीय जी एवं गुरु माँ श्रीमती सुमन मालवीय जी द्वारा निज निवास पर देवों के देव महादेव का सपरिवार आवाहन कर रुद्राभिषेक संपन्न किया गया। भगवान भोलेनाथ आपकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करें।
सचित्र मिश्रा
संभाग निरीक्षक बैठक सम्पन्न
लखनऊ। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित संभाग निरीक्षक बैठक रविवार को निराला नगर, लखनऊ में सम्पन्न हुई। बैठक में क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय, क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री हेमचंद्र जी तथा सह संगठन मंत्री डॉ. राममनोहर जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय अपनी संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण समाज का विश्वास अर्जित कर रहे हैं। यही कारण है कि आज अभिभावक अपने बच्चों को विद्या भारती के विद्यालयों में शिक्षा दिलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विद्या भारती केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण एवं चरित्रवान व्यक्तित्व निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
बैठक में सभी संभाग निरीक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्र की कार्यप्रगति, निरीक्षण कार्यों की प्रस्तुति तथा आगामी कार्यक्रमों एवं कार्ययोजनाओं की जानकारी साझा की। साथ ही भावी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं संगठनात्मक कार्यों को और अधिक सशक्त बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
पंडित नेहरू अटलजी से स्नेह करते थे
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू अटलजी से बहुत स्नेह करते थे. उन्हें नेहरू जी का आशीष प्राप्त था. उस समय की बात है, जब पंडित...
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डॉ. सौरभ मालवीय स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय दर्शन से विश्व को परिचित करवाया। वह ज्ञान का अथाह भंडार थे। उनकी शिक्षाएं अनमोल हैं, तभी तो वह...
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डॉ. सौरभ मालवीय ‘नारी’ इस शब्द में इतनी ऊर्जा है कि इसका उच्चारण ही मन-मस्तक को झंकृत कर देता है, इसके पर्यायी शब्द स्त्री, भामिनी, कान...
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डॉ. सौरभ मालवीय किसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संव...










