Thursday, March 12, 2026

प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य







चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी के जंगलों में सुबह की सैर सचमुच प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का अनुभव कराती है। भारत-नेपाल सीमा के समीप बसे ये गांव हरियाली, शुद्ध हवा और शांत वातावरण से मन को आनंदित कर देते हैं.
प्रकृति की गोद में जीवन का सुख
लखीमपुर खीरी के चन्दन चौकी के जंगलों में सुबह टहलना किसी आध्यात्मिक अनुभव से कम नहीं लगता। सूर्योदय की पहली किरणें जब घने वृक्षों की पत्तियों से छनकर धरती पर पड़ती हैं, तो पूरा वातावरण मानो स्वर्णिम आभा से भर उठता है।
भारत-नेपाल सीमा के आसपास बसे गांवों की सरलता और प्रकृति का सान्निध्य जीवन को एक अलग ही शांति देता है। यहां पक्षियों का मधुर कलरव, जंगलों की हरियाली और शुद्ध वायु मन और शरीर दोनों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
प्रकृति की गोद में बसे ये क्षेत्र हमें याद दिलाते हैं कि जीवन का वास्तविक सुख भौतिक साधनों में नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य और सरल जीवन में निहित है। चन्दन चौकी के जंगलों में सुबह की सैर मन को प्रसन्न करती है और आत्मा को एक अद्भुत शांति का अनुभव कराती है।


Wednesday, March 11, 2026

संस्कार युक्त शिक्षा से ही समाज का सुदृढ़ निर्माण संभव : डॉ. सौरभ मालवीय










लखीमपुर खीरी।
प्रताप नारायण मिश्र विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी में विद्यालय प्रवास के दौरान विद्या भारती के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि संस्कार युक्त शिक्षा ही समाज के समग्र और सुदृढ़ निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण का सशक्त साधन है।

डॉ. मालवीय ने अपने संबोधन में कहा कि आज विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार और संस्कार आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। जनजातीय समाज में शिक्षा के माध्यम से आत्मविश्वास, सांस्कृतिक गौरव और आत्मनिर्भरता का भाव विकसित किया जा सकता है। विद्या भारती इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है और समाज के सहयोग से इस कार्य को और व्यापक बनाया जाएगा।

विद्यालय परिवार के साथ संवाद करते हुए उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ राष्ट्रभाव, चरित्र निर्माण और सेवा की भावना विकसित करें।

इस अवसर पर विद्या भारती के प्रदेश निरीक्षक मिथिलेश अवस्थी भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यालय परिवार ने अतिथियों का स्वागत किया और विद्यालय की गतिविधियों से अवगत कराया।


Tuesday, March 10, 2026

सुखद भेंट



लखीमपुर खीरी
प्रसिद्ध समाजसेवक श्री सलील अग्रवाल के निवास पर सुखद भेंट.

Monday, March 9, 2026

पुस्तक भेंट





लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ मालवीय जी (अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रभारी तथा क्षेत्रीय मंत्री, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विद्या भारती) से आत्मीय भेंट का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर आपने स्वलिखित पुस्तक  📚 “विकास के पथ पर भारत” सप्रेम भेंट की।
भेंट के दौरान विद्या भारती से जुड़े अनेक विषयों पर आपका मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। विशेष रूप से प्रचार विभाग द्वारा मीडिया समन्वय किस प्रकार किया जाता है, इस विषय पर भी सार्थक चर्चा हुई। साथ ही आगामी केंद्रीय कार्यालय उद्घाटन तथा अखिल भारतीय साधारण सभा के संदर्भ में प्रचार-प्रसार विभाग के अपेक्षित कार्यों पर भी संवाद हुआ।
उनकी सरलता, आत्मीयता और स्नेहिल व्यवहार से मन अत्यंत अभिभूत है। 
दिल्ली प्रांत के प्रचार विभाग की ओर से आपका हार्दिक धन्यवाद। 🙏
डॉ. शैलेश भारद्वाज
प्रचार प्रमुख, दिल्ली प्रांत

Saturday, March 7, 2026

ब्रज भारत की आस्था, संस्कृति कृति और आध्यात्मिक परम्परा का केंद्र


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ब्रज क्षेत्र भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परम्परा का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रदेश सरकार यहाँ की परम्परा और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। तीर्थ स्थलों के संरक्षण के साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, आधारभूत ढांचे के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे ब्रज क्षेत्र की पहचान और अधिक सुदृढ़ होगी तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।

मुख्यमंत्री 7 मार्च 2026 को जनपद मथुरा स्थित वृन्दावन में गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर स्थित यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में आयोजित उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की अष्टम बोर्ड बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में लगभग 300 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास, तीर्थ स्थलों के संरक्षण तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में मथुरा-वृन्दावन रेल मार्ग के 11.80 किलोमीटर लम्बे ट्रैक को 4-लेन मार्ग में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, ब्रज तीर्थ विकास परिषद तथा जिला प्रशासन को रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर भूमि अथवा भूमि मूल्य से संबंधित आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता का अध्ययन किया जाए। उन्होंने ब्रज की प्रसिद्ध 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए संबंधित विभागों को कार्ययोजना तेजी से लागू करने के निर्देश दिए।

बैठक में गोवर्धन, मथुरा और वृन्दावन में पार्किंग, टीपीओ तथा अन्य जनसुविधाओं को विकसित करने के लिए चिन्हित भूमि पर पीपीपी मॉडल के तहत कार्य कराने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तान्तरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्रीने ब्रज क्षेत्र में 36 वनों के ईको-रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव के दौरान व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अभियान में जल संरक्षण, खारे पानी के उपचार तथा जनसहभागिता को भी शामिल करने पर बल दिया। बैठक में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत विकसित होने वाली हेरिटेज सिटी पर भी चर्चा हुई। बैठक में यमुना रिवरफ्रंट परियोजना के अंतर्गत मथुरा से वृन्दावन के बीच जलमार्ग विकसित कर पीपीपी मॉडल पर क्रूज और नौका संचालन शुरू करने की योजना पर भी सहमति बनी। उन्होंने ने गोवर्धन स्थित पारसौली में सूरदास ब्रज अकादमी के संचालन के लिए आवश्यक कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिषद की वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए बजट स्वीकृत करते हुए कहा कि परिषद द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं के बजट में किसी प्रकार की कटौती न की जाए और उन्हें शीघ्र धरातल पर उतारा जाए। नगर निकायों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने जल निगम और नगर निगम द्वारा एसटीपी, एसपीएस तथा पम्पिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कर यमुना नदी में प्रदूषण कम करने के निर्देश दिए।

उन्होंने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से विभिन्न विभागों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मथुरा-वृन्दावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।


बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों के अनुसार मथुरा-वृन्दावन रेल ट्रैक के स्थान पर 11.80 किलोमीटर लम्बा 4-लेन मार्ग विकसित करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। ब्रज की 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए लोक निर्माण विभाग और धर्मार्थ कार्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मथुरा, वृन्दावन और गोवर्धन में पार्किंग तथा अन्य जनसुविधाओं का विकास पीपीपी मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। यमुना नदी में मथुरा से वृन्दावन के बीच जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही, ब्रज क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए 36 वनों के ईको-रेस्टोरेशन और व्यापक वृक्षारोपण अभियान को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तान्तरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराई जाएगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डोनेशन मैनेजमेंट डिजिटल सिस्टम का शुभारम्भ किया। मथुरा भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ फूलों की होली खेली। उन्होंने गीता शोध संस्थान के निर्माणाधीन स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का निरीक्षण किया। उन्होंने अन्नपूर्णा भवन की पाकशाला का अवलोकन किया तथा भोजन हेतु लोगों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री जी ने मथुरा के थाना पर्यटन में आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण कार्यों का उद्घाटन किया। यह थाना अपराध नियंत्रण के साथ-साथ तीर्थयात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा और सहायता प्रदान करने के लिए एक अत्याधुनिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा।


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भारत की विदेश नीति स्वतंत्र, संतुलित और राष्ट्रहित पर आधारित है। ऊर्जा सुरक्षा, तेल की उपलब्धता और घरेलू महंगाई को नियंत्रण में रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए भारत वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने नागरिकों और अर्थव्यवस्था के हित में निर्णय लेता है।

भारत किसी भी देश के दबाव में नहीं बल्कि अपनी आवश्यकताओं, आर्थिक हितों और रणनीतिक संतुलन के आधार पर ऊर्जा तथा तेल की खरीद करता है। विश्व के विभिन्न देशों के साथ सहयोग करते हुए भारत का लक्ष्य है कि देश के नागरिकों को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध हो और आर्थिक विकास की गति बनी रहे।

साथ ही भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति, सहयोग और संवाद की नीति को आगे बढ़ाते हुए सभी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

Friday, March 6, 2026

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भारतीय जनता पार्टी की यह विशेषता मानी जाती है कि वह अपने संगठन को लोकतांत्रिक परंपरा और संगठनात्मक अनुशासन के आधार पर चलाती हैं। इसी कारण पार्टी में सामान्य कार्यकर्ता से लेकर शीर्ष पद तक पहुंचने की संभावना बनी रहती है।

उदाहरण के रूप में देखें तो अमित शाह और नड्डा जी जैसे नेता संगठन में लंबे समय तक कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए आगे बढ़े और बाद में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। इसी तरह नरेन्द्रमोदी जी भी संगठन के एक साधारण कार्यकर्ता और प्रचारक के रूप में शुरुआत करके देश के प्रधानमंत्री बने।

भारतीय जनता पार्टी द्वारा संगठन में परिश्रम, समर्पण और विचारधारा के प्रति निष्ठा के आधार पर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। यही कारण है कि पार्टी अक्सर यह कहती है कि “यह कार्यकर्ताओं की पार्टी है, जहाँ एक साधारण कार्यकर्ता भी सर्वोच्च पद तक पहुँच सकता है।”

प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य

चन्दन चौकी, लखीमपुर खीरी के जंगलों में सुबह की सैर सचमुच प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का अनुभव कराती है। भारत-नेपाल सीमा के समीप बसे ये गांव हर...